Fruits

इन स्टिकेर्स को उतारने से पहले पढ़ना चाहिए, क्योंकि इनमे कुछ विशेष जानकारी हैं, चलिए जानते हैं।

ग़ज़िआबाद : सब्जियों जैसे फल भी हमारे जीवन का हिस्सा हैं। आजकल बाजार में आने वाले फलों  पर स्टिकेर्स चिपके होते है , जिनको लोग पढ़े बिना ही हटाके फल खा लेते है। परन्तु हमे ऐसा नहीं करना चाहिए बल्कि स्टिकेर्स को हटाने से पहले ज़रूर पढ़ ले की उसपर क्या लिखा है क्युकी इसमें अहम् जानकारी होती है। 

यह कैसे काम करता है

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International Federation for Produce Standers (IFPS) एक आर्गेनाइजेशन  है, जो पूरी दुनिया में बेचे गए फल के लिए कोड निर्धारित करता है।यह संस्था साल 2001 में बानी थी और यह केवल फलों के लिए ही नहीं बल्कि सब्ज़ियों के लिए भी स्टैंडर्ड्स फिक्स करती है।  स्टैंडर्ड्स के लिए भी एक स्पेशल कोड बनाया जाता है जिससे Prize lock up numbers (PLU) भी कहते है।  यही PLU नंबर फलों के उप्पेर लगे स्टिकेर्स पर लिखे होते हैऔर हर एक नंबर का अलग ही मतलब होता है।  

आर्गेनिक फलों की पहचान कैसे की जाये

वो स्टिकेर्स जिनपे शुरूआती स्टिकेर्स 9 होती है वो फल ऑर्गॅनिकल्ल्य उगाये जाते है। 

पुराने तरीके से लगाए गए फल की पहचान

यदि PLU  चार अंक है और किसी भी संख्या से शुरू होता है, तो इसका मतलब है कि पुराने तरीके से फल उत्पादन किया गया है। जैसे की किसान फल उगते थे उनकी इसी परम्परा का पालन किआ गया है। 

जेनेटिकली मॉडिफाइड फलों  की पहचान

अगर किसी फल के स्टीकर में PLU 5 अंक का है और उसकी शुरुरात 8 से होती तो है वह फल ऑर्गॅनिकल्ल्य मॉडिफाइड फल है। 

यह वे फल होते है जिनके डीएन में बदलाव किया गया हो ,जिससे उनके बनावट और गुणों में भी बदलाव हो जाता है। 

अब आप स्टाइकर्स पर लिखी गई संख्याओं को पढ़ने के बाद ही फल खरीदिये। साथ में, समझें कि इसका क्या मतलब ह

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